22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। यह घटना हाल के वर्षों में नागरिकों पर सबसे घातक हमलों में से एक है।
📍 हमला कहाँ और कैसे हुआ?
हमला अनंतनाग जिले के पहलगाम के पास स्थित बाइसारन घाटी में हुआ, जो एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। चार आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं, जिसमें कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई और 17 से अधिक घायल हुए। हमलावरों ने पीड़ितों से इस्लामी कलमा पढ़ने को कहा; जो नहीं पढ़ सके, उन्हें गोली मार दी गई।

🕯️ पीड़ित कौन थे?
मारे गए लोगों में अधिकांश भारतीय नागरिक थे, जिनमें महाराष्ट्र के पांच पर्यटक शामिल थे। इसके अलावा, एक नेपाली नागरिक भी इस हमले में मारा गया। पीड़ितों में हनीमून पर आए जोड़े और परिवार के सदस्य शामिल थे।
🛡️ किसने किया हमला?
इस हमले की जिम्मेदारी ‘कश्मीर रेजिस्टेंस’ नामक एक कम ज्ञात आतंकी समूह ने ली है, जिसे पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों का समर्थन प्राप्त है। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने हमले के मास्टरमाइंड के रूप में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर सैफुल्ला कसूरी उर्फ खालिद की पहचान की है।

🇮🇳 भारत सरकार की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले की कड़ी निंदा की और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने का संकल्प लिया। गृह मंत्री अमित शाह ने स्थिति का जायजा लेने के लिए श्रीनगर का दौरा किया। सरकार ने निम्नलिखित कड़े कदम उठाए:
- सिंधु जल संधि को निलंबित किया गया।
- अटारी-वाघा सीमा को बंद कर दिया गया।
- पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द किए गए और उन्हें 48 घंटे में भारत छोड़ने का आदेश दिया गया।
- पाकिस्तानी उच्चायोग के सैन्य सलाहकारों को भारत से निष्कासित किया गया।
- भारतीय उच्चायोग के स्टाफ को पाकिस्तान से वापस बुलाया गया। Wikipedia
🔍 जांच और सुरक्षा उपाय
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने हमले की जांच शुरू की है और आतंकियों के स्केच जारी किए हैं। सेना ने आतंकियों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया है। प्रभावित पर्यटकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन स्थापित की गई है, और एयर इंडिया ने अतिरिक्त उड़ानों की व्यवस्था की है।
🌍 अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अमेरिका, ब्रिटेन, इज़राइल और अन्य देशों ने इस हमले की निंदा की है और भारत के साथ एकजुटता व्यक्त की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन कर समर्थन का आश्वासन दिया।
📢 निष्कर्ष
यह हमला न केवल निर्दोष नागरिकों पर था, बल्कि भारत की एकता, शांति और संप्रभुता पर भी था। सरकार की कड़ी प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय समर्थन से यह स्पष्ट है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।